Sikandar Hindi Movie Review, Salman Khan, Film, Sikandar, Rashmika Mandanna, Prateik Patil Babbar, Sathyaraj, Kajal Aggarwal, सिकंदर (2025) - विस्तृत विश्लेषण
1. फिल्म का परिचय
'सिकंदर' 2025 की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक है, जो 30 मार्च 2025 को ईद के अवसर पर रिलीज़ हुई। इस एक्शन-ड्रामा फिल्म का निर्देशन दक्षिण भारतीय सिनेमा के जाने-माने निर्देशक ए. आर. मुरुगादॉस ने किया है, जो 'गजनी', 'हॉलीडे' और 'दरबार' जैसी सुपरहिट फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। फिल्म की पटकथा सामाजिक न्याय, प्रतिशोध, बलिदान और एक व्यक्ति की समाज के लिए लड़ाई पर आधारित है।
फिल्म को सलमान खान की फिल्मों की पारंपरिक शैली में बनाया गया है, जिसमें जबरदस्त एक्शन, दमदार डायलॉग्स और सामाजिक संदेश देखने को मिलता है। यह फिल्म सलमान खान के प्रशंसकों के लिए एक बड़ी ट्रीट साबित हुई है।
2. मुख्य कलाकार और उनके किरदार
सलमान खान - संजय "सिकंदर" राजकोट (मुख्य नायक, एक बहादुर और न्यायप्रिय व्यक्ति)
रश्मिका मंदाना - साईश्री (सिकंदर की पत्नी, जो एक प्रेरणादायक महिला का किरदार निभाती हैं)
काजल अग्रवाल - नेहा (एक सामाजिक कार्यकर्ता, जो सिकंदर के मिशन में सहायक होती हैं)
सत्यराज - राकेश प्रधान (मुख्य खलनायक, एक भ्रष्ट मंत्री)
जगपति बाबू - पुलिस कमिश्नर अर्जुन राठौड़ (जो सिकंदर को समर्थन देते हैं)
रोनित रॉय - धीरज त्रिपाठी (एक धोखेबाज बिजनेसमैन)
सुनील ग्रोवर - मुकेश (सिकंदर का दोस्त और कॉमिक रिलीफ)
3. कहानी का गहन विश्लेषण
पहला भाग: सिकंदर का परिचय
फिल्म की शुरुआत सिकंदर (सलमान खान) के चरित्र को स्थापित करने से होती है। वह एक आम आदमी से ज्यादा एक संरक्षक की तरह नजर आता है, जो समाज में न्याय और समानता की लड़ाई लड़ता है। वह अपने इलाके में अपराध और अन्याय के खिलाफ खड़ा होता है और गरीबों की मदद करता है।
दूसरा भाग: टकराव की शुरुआत
मंत्री राकेश प्रधान (सत्यराज) एक भ्रष्ट राजनेता है, जो लोगों को दबाकर सत्ता में बना रहना चाहता है। वह अपने बेटे विक्रम को अपने उत्तराधिकारी के रूप में तैयार कर रहा होता है। विक्रम का व्यवहार अहंकारी और निर्दयी होता है, जो कई गैरकानूनी कामों में लिप्त रहता है। एक दिन, विक्रम अपने दोस्तों के साथ शराब पीकर सड़क पर हंगामा करता है, जिससे एक निर्दोष लड़की की मौत हो जाती है। सिकंदर इस मामले में दखल देता है और विक्रम को पुलिस के हवाले कर देता है।
तीसरा भाग: सिकंदर के खिलाफ साजिश
मंत्री प्रधान इस अपमान को सहन नहीं कर पाता और सिकंदर से बदला लेने की ठानता है। वह एक षड्यंत्र रचता है, जिसमें उसके गुंडे एक हमले की योजना बनाते हैं। इस हमले में सिकंदर बच जाता है, लेकिन उसकी पत्नी साईश्री (रश्मिका मंदाना) गंभीर रूप से घायल हो जाती है। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो जाती है, लेकिन मरने से पहले वह अपने अंगदान करने की इच्छा व्यक्त करती है। उसके अंगों से तीन लोगों की जान बच जाती है।
चौथा भाग: बदले की ज्वाला
प्रधान को जब पता चलता है कि साईश्री के अंगदान से तीन लोग जिंदा बचे हैं, तो वह उन्हें भी मारने की योजना बनाता है ताकि सिकंदर को पूरी तरह तोड़ा जा सके। सिकंदर को जब यह साजिश पता चलती है, तो वह अपने तरीके से न्याय करने की ठानता है।
पांचवां भाग: अंतिम टकराव
सिकंदर अपने दुश्मनों के खिलाफ एक के बाद एक हमला करता है। पहले वह उन भ्रष्ट अधिकारियों को बेनकाब करता है जो प्रधान के इशारे पर काम कर रहे थे। फिर वह धीरज त्रिपाठी (रोनित रॉय) को हराकर उसके धोखाधड़ी वाले कारोबार का पर्दाफाश करता है। आखिर में, सिकंदर का सामना प्रधान से होता है। एक भयंकर लड़ाई के बाद, सिकंदर प्रधान को जनता के सामने लाकर खड़ा कर देता है, जहां उसकी सारी साजिशों का खुलासा हो जाता है। भीड़ प्रधान को सजा देने की मांग करती है, और अंततः उसे गिरफ्तार कर लिया जाता है।
अंतिम दृश्य
फिल्म के अंत में सिकंदर उन तीन लोगों से मिलता है, जिनकी जान साईश्री के अंगदान से बची थी। वह उन्हें अपनी पत्नी की अंतिम विरासत मानकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। फिल्म का अंत एक सकारात्मक संदेश के साथ होता है कि "एक व्यक्ति का बलिदान कई जिंदगियों को रोशनी दे सकता है।"
4. निर्देशन और पटकथा
ए. आर. मुरुगादॉस के निर्देशन में यह फिल्म एक फास्ट-पेस्ड एक्शन-ड्रामा है। उन्होंने स्टोरीटेलिंग में भावनात्मक पहलुओं को एक्शन के साथ बैलेंस करने की कोशिश की है। हालांकि, सेकंड हाफ में कुछ जगहों पर फिल्म की गति धीमी हो जाती है। पटकथा के कुछ हिस्सों को थोड़ा अधिक संपादित किया जा सकता था।
5. सिनेमेटोग्राफी और एक्शन
सिनेमेटोग्राफी: संतोष शिवन ने शानदार कैमरा वर्क किया है, जिससे फिल्म के एक्शन दृश्यों को ग्रैंड लुक मिला है।
फाइट सीन: हॉलीवुड स्टाइल के हाई-ऑक्टेन स्टंट देखने को मिलते हैं।
वीएफएक्स: स्पेशल इफेक्ट्स के जरिए एक्शन को और प्रभावशाली बनाया गया है।
6. संगीत और बैकग्राउंड स्कोर
संगीतकार: प्रीतम
बैकग्राउंड स्कोर: संतोष नारायणन
गाने:
'ज़ोहरा जबीन' - रोमांटिक ट्रैक (गायक: अरिजीत सिंह)
'बम बम भोले' - एक्शन सॉन्ग (गायक: सुखविंदर सिंह)
'सिकंदर नाचे' - डांस नंबर (गायक: यो यो हनी सिंह)
'हम आपके बिना' - इमोशनल सॉन्ग (गायक: श्रेया घोषाल)
7. सामाजिक संदेश और थीम
अंगदान का महत्व - फिल्म यह दिखाती है कि एक व्यक्ति का बलिदान कई लोगों की जिंदगी बदल सकता है।
भ्रष्टाचार और राजनीति - फिल्म यह उजागर करती है कि कैसे सत्ता में बैठे लोग अपने स्वार्थ के लिए मासूमों की जिंदगी से खेलते हैं।
न्याय और बदले की भावना - सिकंदर का किरदार न्याय की लड़ाई का प्रतीक बनता है।
8. बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन
फिल्म ने पहले हफ्ते में ₹85 करोड़ की कमाई की।
9. निष्कर्ष
'सिकंदर' एक संपूर्ण सलमान खान-स्टाइल की एक्शन फिल्म है, जिसमें इमोशन, एक्शन और सामाजिक संदेश का मिश्रण देखने को मिलता है। हालांकि, पटकथा में और सुधार किया जा सकता था।
Post a Comment
Please Don't Write & Enter Here Any Spam link In The Comment Box Thank You!